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#2
पहले उसके ना बुलाने पर मैंने भी उसे नहीं पूछा
फिर सोचा बुला लू लेकिन रहने दिया नहीं पूछा
तकबुर रखा दरमियान मैंने मेरे और उसके
इसी लिए न उससे बात की न उससे कुछ पूछा
ऐसे में उसने कहा कैसे हो जनाब, क्या हाल है
और फिर मेरे बाद मेरे बच्चो का भी हाल पूछा
फिर मुझे वो मुझसे भी भला मालूम होने लगा
और मैने आखें झुका कर उसका हाल पूछा
दिल मैं बुग्ज रखकर मैने बहोत बुरा किया
पछताते हुए मैने मेरी अच्छाई पे खुद सवाल पूछा
अखलाकी इंसान हो तो नजर आने चाहिए ' परवाज़ '
बेशुमार है दफन कब्रों में, जिसने पहले कभी नही पूछा
~ ઝકવાન કુરૈશી ✔️
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तकबुर - अहम, बुग्ज़ - बैर, अखलाक - सज्जन
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